संभल
एलपीजी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी न होने के कारण कई लोगों को गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में कुल लगभग 5 लाख गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 22 प्रतिशत की ई-केवाईसी अभी भी अधूरी है।
जिले में 39 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनमें सबसे अधिक 15 एजेंसियां संभल तहसील क्षेत्र में हैं। ई-केवाईसी अधूरी होने के कारण कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी में दिक्कत आ रही है, जिससे कुछ लोग 7 से 10 दिनों तक गैस के बिना चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी शिवि गर्ग ने बताया कि जिले में गैस आपूर्ति को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है और सभी एजेंसी संचालकों को उपभोक्ताओं के साथ उचित व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अधूरी है, उनकी प्रक्रिया पूरी कराकर उन्हें गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगभग 2 लाख प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शन धारक हैं और करीब 750 वाणिज्यिक कनेक्शन हैं। प्रतिदिन लगभग 13,000 एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी की जा रही है, लेकिन लंबे समय से ई-केवाईसी अपडेट न कराने के कारण कुछ उपभोक्ताओं को समस्या हो रही है।
इस स्थिति का असर आम लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। कुछ लोग गैस न मिलने पर कोयले की अंगीठी का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर असर पड़ रहा है। वहीं कई उपभोक्ताओं ने एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद अपनी ई-केवाईसी पूरी कराई, जिसके बाद उन्हें सिलेंडर मिलना शुरू हुआ।
हालांकि, प्रशासन का दावा है कि कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का समाधान किया जा रहा है और जल्द ही सभी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी कर स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।


