नई दिल्ली: IDBI बैंक (IDBI Bank) में सरकार और LIC का 95 फीसदी हिस्सेदारी है। कई वर्षों से सरकार IDBI बैंक का निजीकरण करना चाहती थी। कनाडा के वॉरेन बफे के नाम से मशहूर प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स (Fairfax Holdings) इस बैंक को खरीदने के बेहद करीब है। ये अब तक की सबसे बड़ी बैंकिंग डील हो सकती है। दोनों मिलकर बैंक में कुल 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं। खबर है कि डील अब अंतिम चरण में है।
भारतीय बैंकिंग इतिहास में एक बड़ी डील होने जा रही है। कनाडाई कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स के साथ सरकार की आईडीबीआई को लेकर 53 हजार करोड़ रुपए की होने की बात सामने आई है। सरकार और एलआईसी दोनों ही अपनी अपनी 30-30 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का मन बन चुके हैं। सरकार ने बैंक को बेचने के लिए एक विदेशी कंपनी के ऑफर को हरी झंडी दे दी है।
सरकार ने कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स के ऑफर को मंजूरी दे दी है। हैदराबाद से कनाडा गए प्रेम वत्स अब IDBI बैंक के नए मालिक बनने जा रहे हैं। भारतीय मूल के अरबपति प्रेम वत्स की कनाडाई निवेश कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स (Fairfax Holdings) इस बैंक को खरीदने की दौड़ में सबसे आगे निकल गई। हाल ही में वित्त मंत्रालय के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद यह खबर आई है कि कनाडाई कंपनी ‘फेयरफैक्स’ ने इस बैंक को खरीदने के लिए अपनी रुचि बहुत मजबूत तरीके से दिखाई है।
सरकार ने आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए फेयरफैक्स के ऑफर को मंजूरी दे दी है, जिसका कभी भी ऐलान हो सकता है। अगर यह डील फाइनल हुई, यह भारत के बैंकिंग सेक्टर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। कनाडा की जिस फेयरफैक्स कंपनी ने 53 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाई है, उसके चेयरमैन और सीईओ का नाम प्रेम वत्स है। बोली की कीमत बढ़ने से सरकार इस सौदे को जल्द अंतिम रूप देने पर विचार कर रही है।


