एटा। जनपद में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। 11 अप्रैल से 28 अप्रैल तक लगातार 17 दिनों तक चले इस अभियान के दौरान जिले के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में कुल 59 शिक्षक गैरहाजिर पाए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई करते हुए सभी अनुपस्थित शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोक दिया है और उनसे लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
बताया गया है कि प्राथमिक विद्यालयों के संचालन, समय से खुलने की स्थिति और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिले के सभी आठों विकास खंडों में व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई विद्यालयों में शिक्षक निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं मिले, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कुछ विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही के चलते पठन-पाठन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर विद्यालय समय से नहीं खुले या शिक्षकों के देर से पहुंचने की शिकायतें भी मिलीं। इससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात भी सामने आई है, जिसको लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अनुपस्थित पाए गए सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब तलब किया गया है। यदि किसी शिक्षक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वेतन कटौती के साथ-साथ अन्य अनुशासनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए इस तरह के निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही शिक्षकों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहें और विद्यालयों में समय से उपस्थित होकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें, अन्यथा भविष्य में और कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।


