मोतिहारी: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून (Total Prohibition Law) को लागू करने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीकों से अवैध शराब की खेप बिहार में लाने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला पूर्वी चंपारण जिले का है, जहां रेल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मिथिला एक्सप्रेस ट्रेन (Mithila Express train) से भारी मात्रा में विदेशी (नेपाली) शराब बरामद की है। इस तस्करी में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि शराब की सप्लाई के लिए नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार नाबालिग लड़कियों को हिरासत में लिया है।
यह पूरी कार्रवाई पूर्वी चंपारण के सुगौली स्थित रेल जीआरपी (GRP) थाना पुलिस द्वारा की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन के जरिए अवैध शराब की एक खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही सुगौली रेल जीआरपी की एक विशेष टीम ने सुगौली जंक्शन पर सतर्कता बढ़ा दी। जैसे ही ट्रेन संख्या 13022 मिथिला एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी, जीआरपी पुलिस की टीम ने उसकी जनरल बोगी में अचानक सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
तलाशी के दौरान जनरल बोगी में रखी संदिग्ध बोगियों और सामान की जांच की गई। पुलिस ने जब बोगी में रखे तीन पिट्ठू बैग (बैकपैक) और एक कपड़े के झोले की तलाशी ली, तो उसमें से नेपाली कस्तूरी शराब की बोतलें बरामद हुईं। नापने पर कुल शराब की मात्रा 42.9 लीटर पाई गई। पुलिस ने तुरंत शराब की पूरी खेप को जब्त कर लिया और उन बैग्स के साथ बैठी चार नाबालिग लड़कियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
इस संबंध में सुगौली रेल जीआरपी थानाध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। जब्त की गई शराब और पकड़ी गई नाबालिग लड़कियों को जीआरपी थाने लाया गया है। चूंकि मामले में पकड़ी गई आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस बाल कल्याण समिति (CWC) और किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नाबालिगों के पीछे कौन सा मुख्य तस्कर या गिरोह काम कर रहा था।


