बरेली
जोन में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने को लेकर चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है, जहां पंजीकृत करदाताओं में से करीब 26 फीसदी ने अब तक अपना जीएसटी रिटर्न जमा नहीं किया है। इसके साथ ही कई सरकारी कार्यालयों द्वारा भी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का भुगतान नहीं किए जाने की बात सामने आई है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए कर विभाग ने संबंधित करदाताओं को चेतावनी जारी की है।
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 एनएल सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटीआर-3बी के माध्यम से सरकार के कोष में कर जमा किया जाता है, जिसकी अंतिम तिथि प्रत्येक माह की 20 तारीख निर्धारित है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में करदाताओं द्वारा समय पर रिटर्न दाखिल नहीं किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने ग्राम पंचायतों सहित अन्य सरकारी संस्थानों से भी टीडीएस समय पर जमा करने की अपील की है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी कारणवश वित्तीय वर्ष के भीतर जीएसटी या टीडीएस जमा नहीं किया गया, तो संबंधित के खिलाफ जीएसटी अधिनियम के तहत अर्थदंड सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। करदाताओं को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल जीएसटी पोर्टल के माध्यम से फरवरी माह से संबंधित रिटर्न दाखिल कर अपनी जिम्मेदारी पूरी करें।
इसके अलावा राज्यकर उपायुक्त (प्रशासन) ने भी सभी करदाताओं को आगाह किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के किसी भी माह का बकाया रिटर्न या टैक्स यदि अब तक जमा नहीं किया गया है, तो उसे जल्द से जल्द जमा कराया जाए। विभाग द्वारा सभी करदाताओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
कर विभाग की इस सख्ती के बाद व्यापारियों और संस्थानों में हलचल बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर रिटर्न दाखिल करना न केवल कानूनी बाध्यता है, बल्कि इससे जुर्माने और अतिरिक्त ब्याज से भी बचा जा सकता है। विभाग ने सभी करदाताओं से समय सीमा का पालन करने और नियमों के अनुरूप कार्य करने की अपील की है।


