– दवाओं से लेकर मशीनों तक खरीद में बड़ा खेल, जांच शुरू
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दवाओं, मेडिकल उपकरणों और अस्पतालों में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री की खरीद में 650 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि मरीजों के इलाज से जुड़ी वस्तुओं की खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और नियमों की अनदेखी की गई।
सूत्रों के अनुसार घोटाला केवल दवाओं तक सीमित नहीं है। जांच के दायरे में अस्पतालों के लिए खरीदी गई दवाएं, एक्स-रे मशीनें, एनेस्थीसिया उपकरण, मेडिकल मशीनरी, मरीजों के बिस्तरों की चादरें और अन्य चिकित्सा सामग्री भी शामिल हैं। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई मामलों में रिकॉर्ड भी संदिग्ध पाए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खरीद प्रक्रिया में किन अधिकारियों, आपूर्तिकर्ताओं और संस्थाओं की भूमिका रही तथा सरकारी धन का दुरुपयोग किस स्तर तक हुआ।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें उपलब्ध नहीं मिलीं, जिससे संदेह और गहरा गया है। फाइलों के गायब होने और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाला मरीज पहले ही संसाधनों की कमी से जूझता है। ऐसे में यदि दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार हुआ है तो इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज पर पड़ा होगा।


