– शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन
– डीएम की कढ़ी निगरानी
– मुफ्त इलाज और राहत वितरण बनी भरोसे की तस्वीर
फर्रुखाबाद। बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे लोगों के आंसू पोंछने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रभावित गांवों से लेकर राहत शिविरों तक राहत, स्वास्थ्य, भोजन और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक मशीनरी लगातार सक्रिय है। अधिकारियों की निगरानी में गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, वहीं राहत शिविरों में भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर खुद हर व्यवस्था पर पहली नजर बनाए रखे हैं।
बाढ़ के संकट के बीच प्रशासन का सबसे बड़ा जोर इस बात पर है कि कोई भी प्रभावित परिवार सरकारी मदद से वंचित न रहे। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचकर मुफ्त चिकित्सा जांच, दवाओं का वितरण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दे रही हैं। इससे दूरदराज के ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है।
राहत शिविरों में ठहरे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था पर संबंधित अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को भोजन, पानी, दवा और रहने जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीमों की सक्रियता ने ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। संभावित जलजनित बीमारियों को देखते हुए चिकित्सकीय दल लोगों की जांच के साथ-साथ स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन ने राहत सामग्री और सरकारी सहायता के वितरण में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए क्षेत्रवार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश हैं कि राहत वितरण में किसी तरह की लापरवाही, मनमानी या भेदभाव की शिकायत सामने न आए।
बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार सक्रियता से राहत कार्यों में तेजी आई है। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण, राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर समस्याओं की जानकारी लेने का सिलसिला जारी है। इससे छोटी से छोटी समस्या को भी तत्काल संबंधित विभाग तक पहुंचाने और समाधान कराने में मदद मिल रही है।
बाढ़ जैसी आपदा में सरकारी व्यवस्था की असली परीक्षा होती है। ऐसे समय में यदि राहत पीड़ित तक समय पर और ईमानदारी से पहुंचे तो उसका असर केवल व्यवस्था पर नहीं, बल्कि सरकार की छवि पर भी पड़ता है। फर्रुखाबाद में राहत, स्वास्थ्य और शिविर व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की सक्रियता ने योगी सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की छवि को मजबूती देने का काम किया है।


