फर्रुखाबाद। जनपद में एक चर्चित ठेकेदार, ‘लाला’ एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। आरोप हैं कि पूर्व जिला अधिकारी के कार्यकाल में प्रभावशाली माने जाने वाले इस ठेकेदार की पहुंच आज भी कलेक्ट्रेट, विकास भवन और अधिकारी आवासीय कॉलोनी तक बनी हुई है। सरकारी कार्यालयों में उसके लगातार आने-जाने को लेकर प्रशासनिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से करीबी संबंध बनाए रखने की कोशिश मे है, ताकि इस बार बाढ़ राहत मे भी डाका डाल सके । आरोप यह भी हैं कि कुछ कर्मचारियों को निजी उपयोग का घरेलू सामान उपलब्ध कराकर प्रभाव स्थापित करने का प्रयास किया जाता है।
बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व जिला अधिकारी और अपर जिला अधिकारी को संबोधित एक शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें संबंधित ठेकेदार के कथित कार्यों और सरकारी ठेकों की जांच कराने की मांग की गई थी।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार को लगातार सरकारी विभागों में कार्य मिलते रहे हैं। साथ ही कुछ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी तथा घटिया सामग्री के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए गए हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं ने शासन तथा उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार, उससे जुड़ी फर्मों, आवंटित ठेकों और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि तथ्यों के आधार पर जांच होने से स्थिति स्पष्ट होगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।


