लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच आज योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना काफी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपनी कैबिनेट में छह नए चेहरों को शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश की सियासत में नए राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को लेकर हलचल बढ़ गई है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में छह मंत्री पद खाली हैं और वर्तमान में योगी कैबिनेट में 54 मंत्री शामिल हैं। विस्तार के बाद मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 हो सकती है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार जिन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं उनमें कृष्णा पासवान, समाजवादी पार्टी की बागी विधायक पूजा पाल, मनोज पांडे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया और रोमी साहनी शामिल हैं। हालांकि इन नामों पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन्हें लगभग तय माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस विस्तार में किसी मौजूदा मंत्री को हटाए जाने की संभावना बेहद कम है। साथ ही विभागों में बड़े फेरबदल की भी उम्मीद नहीं है। माना जा रहा है कि भाजपा बिना किसी बड़े विवाद के केवल खाली पदों को भरकर चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा इस विस्तार के जरिए दलित, पिछड़ा और क्षेत्रीय समीकरणों को मजबूत करना चाहती है। खासकर समाजवादी पार्टी से अलग हुए नेताओं को सरकार में जगह देने को विपक्ष के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से हुई मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि नए मंत्रियों के नामों को लेकर अंतिम चर्चा पूरी हो चुकी है और आज कभी भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है।
प्रदेश की राजनीति में यह विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा आगामी चुनावों से पहले सरकार और संगठन दोनों को मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। अब सभी की नजर आज होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार पर टिकी हुई है।


