– स्टंटबाजी और ओवरस्पीड पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में सड़क सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति का जीवन सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें राज्य और देश दोनों की बड़ी क्षति हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अधिकांश सड़क हादसे जागरूकता की कमी और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। ऐसे में सभी जिलों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि शासन स्तर पर हर पखवाड़े सड़क सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्टंटबाजी, ओवरस्पीड और नशे में वाहन चलाने की घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बार-बार चालान होने वाले वाहनों पर भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को निर्देशित किया कि केवल फिटनेस मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही सड़कों पर संचालित किया जाए। बस चालकों और परिचालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए गए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौराहों, टोल प्लाजा, व्यस्त मार्गों और प्रमुख स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाए। सीट बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा मानकों को अपनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रदेश की सड़कों पर मौजूद ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित कर तय समय सीमा में उनका समाधान करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आवश्यक स्थानों पर साइनेज लगाए जाएं और चौराहों समेत संवेदनशील इलाकों में टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।


