विपक्ष का संसद परिसर में मार्च, दानपेटी रखकर किया प्रदर्शन
अमित शाह के बयान की मांग
सरकार-विपक्ष में 50 मिनट चली बैठक
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन बुधवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, डिंपल यादव, महुआ मोइत्रा, सुप्रिया सुले और अन्य विपक्षी सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक विरोध मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सांसदों ने संसद परिसर में प्रतीकात्मक दानपेटी रखकर विरोध दर्ज कराया और उसमें राशि डालकर राम मंदिर चढ़ावा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मामलों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन और मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों में केंद्र सरकार की सक्रिय भूमिका रही है, तो अब इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियां कार्रवाई क्यों नहीं कर रहीं। वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस या पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जिन दलों ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
सदन के भीतर भी हंगामा जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के महज एक मिनट बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा भी पहले 12 बजे और बाद में 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। गतिरोध दूर करने के प्रयास में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ लगभग 50 मिनट तक बैठक की, जिसमें परिसीमन विधेयक और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने पर चर्चा हुई।
इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर 37 भाजपा सांसदों और सहयोगी दलों के सांसदों के साथ नाश्ता बैठक कर संसद की रणनीति पर चर्चा की। सरकार की कोशिश है कि मानसून सत्र में सूचीबद्ध शेष पांच विधेयकों को भी दोनों सदनों से पारित कराया जाए। अब तक आठ प्रस्तावित विधेयकों में से तीन विधेयक दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं, जबकि आयकर संशोधन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन, एमएसएमई विकास संशोधन, विदेशी अंशदान (एफसीआरए) संशोधन और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक लंबित हैं।
लगातार तीसरे दिन हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी,


