लखनऊ
राजधानी के जानकीपुरम सेक्टर-8 में मंगलवार शाम एक महिला का शव घर के कमरे में पंखे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 47 वर्षीय आशा त्रिपाठी के रूप में हुई है। उनके पति अनिल त्रिपाठी, जो सीतापुर के महिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं, रोज की तरह ड्यूटी से शाम करीब चार बजे घर लौटे। घर का मुख्य गेट खुला था, लेकिन एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर आशा त्रिपाठी साड़ी के सहारे पंखे से लटकी मिलीं, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही जानकीपुरम पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे और आसपास के स्थान का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया घर में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के संकेत नहीं मिले हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार के अनुसार, अनिल और आशा त्रिपाठी के दो बेटे हैं, जो दोनों चिकित्सक हैं। बड़ा बेटा डॉ. आश्निल त्रिपाठी भारतीय सेना में मेजर के पद पर ग्वालियर में तैनात है, जबकि छोटा बेटा डॉ. अस्मित त्रिपाठी गाजियाबाद स्थित रमा मेडिकल कॉलेज से जुड़ा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही दोनों बेटों और अन्य परिजनों को जानकारी दे दी गई। घटना के बाद घर के बाहर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।
पुलिस के अनुसार महिला द्वारा यह कदम उठाने के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।


