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Tuesday, August 4, 2026

17 अगस्त से शुरू होगी जातिगत जनगणना का दूसरा चरण

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– पहली बार दर्ज होगी विस्तृत जातीय जानकारी

नई दिल्ली। भारत में पहली बार नियमित जनगणना के दौरान जातिगत विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू होने जा रही है। जनगणना का दूसरा चरण (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) देश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों से प्रारंभ होगा। इस चरण में नागरिकों से उनकी जाति के साथ-साथ परिवार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी एकत्र की जाएंगी।
जनगणना दो चरणों में कराई जा रही है। 17 से 31 अगस्त तक नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा, जिसके तहत वे निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।
इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से उसकी जाति के अलावा माता और पिता की जन्मतिथि, जन्मस्थान तथा अन्य पारिवारिक विवरण भी पूछे जाएंगे। इसके साथ ही जनसांख्यिकीय, सामाजिक, शैक्षिक और अन्य आवश्यक जानकारियां भी एकत्र की जाएंगी।
केंद्र सरकार ने बताया है कि जनगणना की शुरुआत लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों से की जाएगी, क्योंकि इन क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए गणना पहले कराना आवश्यक होता है।
यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है और पहली बार ही व्यापक स्तर पर सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार का कहना है कि इससे आंकड़ों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर होगी।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में सहयोग करें। जनगणना के दौरान जुटाए गए सभी व्यक्तिगत आंकड़े जनगणना अधिनियम के तहत गोपनीय रखे जाएंगे और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

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