नोएडा। नोएडा स्टेडियम के इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि एक निजी कंपनी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में लाभ हासिल कर करोड़ों रुपये की लागत से बने स्टेडियम का संचालन अपने हाथ में लिया। मामले के सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने जांच शुरू करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इंडोर स्टेडियम का संचालन एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। आरोप है कि कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर.पी. सिंह को अपना प्रमोटर बताकर दस्तावेज प्रस्तुत किए। हालांकि बाद में पूर्व क्रिकेटर ने स्वयं को कंपनी से अलग कर लिया और उससे किसी प्रकार का संबंध न होने की बात कही।
मामले में यह भी आरोप है कि स्टेडियम में फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के बिना बड़े खेल और व्यावसायिक आयोजन कराए जा रहे हैं। इसके अलावा जिम और अन्य खेल सुविधाओं के संचालन से कंपनी करोड़ों रुपये का राजस्व अर्जित कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, सिक्योरिटी सॉल्यूशन नामक कंपनी को स्टेडियम संचालन का टेंडर मिला था। अब कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यता, टेंडर प्रक्रिया और नियमों के अनुपालन की जांच की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया जा रहा है। दस्तावेजों और सभी तथ्यों की विस्तृत जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


