‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा कम्पिल
कम्पिल (फर्रुखाबाद)। सावन मास के प्रथम दिन गुरुवार को प्राचीन श्री रामेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गंगा तट से पवित्र जल लाकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।
सुबह से ही मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन और पुष्प अर्पित कर भोलेनाथ की आराधना की। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और कांवड़ियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन और शिव मंत्रों का उच्चारण होता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। मान्यता है कि इस माह में सच्चे मन से की गई शिव उपासना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
गंगा तट पर स्थित प्राचीन तीर्थ नगरी कम्पिल अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इसे “छोटी काशी” भी कहा जाता है। श्री रामेश्वरनाथ मंदिर के महंत श्री श्री 1008 आनंद गिरी महाराज के शिष्य महाराज सुशील ठाकुर ने बताया कि मंदिर में स्थापित त्र्यम्बक शिवलिंग अत्यंत प्राचीन है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी शिवलिंग की आराधना कर कुबेर को धन का अधिपति बनने का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। सावन माह में यहां दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।


