गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गाजीपुर जनपद में 692 करोड़ लागत की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गाजीपुर को वीरों, सैनिकों और राष्ट्रभक्तों की भूमि बताते हुए जिले के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर ने हमेशा आतंकवाद, लूट और अराजकता के खिलाफ शंखनाद किया है। यह जनपद राष्ट्रभक्ति और वीरता की परंपरा का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एशिया के सबसे बड़े गांव की बात की जाए तो गहमर का नाम सबसे पहले आता है, जहां 12 हजार से अधिक सैनिक और पूर्व सैनिक निवास करते हैं। गहमर के सैनिकों ने देश की आजादी से लेकर स्वतंत्र भारत के विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गहमर के सैनिकों ने 1962, 1965 और 1999 के युद्धों में अपनी वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भी इस क्षेत्र के जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान देकर गाजीपुर की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के परमवीर वीर अब्दुल हमीद को याद करते हुए कहा कि पाकिस्तान के अत्याधुनिक पैटन टैंकों को ध्वस्त कर उन्होंने अद्वितीय शौर्य का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि वीर अब्दुल हमीद की वीरगाथा आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर शहीद रामनुग्रह पांडे का भी स्मरण किया, जिन्हें युद्ध में अदम्य साहस के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे वीर सपूतों ने गाजीपुर की पहचान पूरे देश में स्थापित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और राष्ट्रनिर्माण दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। रूपये 692 करोड़ की लागत से शुरू की गई 268 विकास परियोजनाएं जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी और क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और वीरता की परंपरा को भी आगे बढ़ाना है।


