– 250 वर्ष पुराने धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के पाँच किलोमीटर दायरे में भूमि खरीद पर नए नियम लागू
गुवाहाटी। असम विधानसभा ने राज्य के प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित किया है। नए प्रावधानों के अनुसार, 250 वर्ष या उससे अधिक पुराने धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के पाँच किलोमीटर के दायरे में भूमि खरीद के नियमों में बदलाव किया गया है।
संशोधित कानून के तहत अब ऐसे क्षेत्रों में केवल मूल निवासी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा स्थानीय समुदायों से जुड़े पात्र लोग ही नई भूमि खरीद सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय एवं सांस्कृतिक संरचना को संरक्षित रखना है।
विधेयक में लंबे समय से रह रहे परिवारों को भी राहत दी गई है। इसके अनुसार, जो परिवार वर्ष 2006 तक लगातार तीन पीढ़ियों से इन क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं, उन्हें भूमि का पट्टा न होने की स्थिति में भी वहीं रहने की अनुमति दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस संशोधन से प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के आसपास अनियंत्रित भूमि खरीद-फरोख्त पर अंकुश लगेगा तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं, इस विधेयक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों की ओर से इसके विभिन्न पहलुओं पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।


