सुरक्षित स्थानों पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने जताई आस्था
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रृंगीरामपुर गंगा घाट पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण मुख्य स्नान घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे श्रद्धालुओं को निर्धारित घाट पर स्नान करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर गंगा स्नान कर गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
बुधवार सुबह से ही श्रृंगीरामपुर घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। लोगों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की तथा अपने गुरुजनों का स्मरण करते हुए सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। गंगा के तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण मुख्य स्नान स्थल पूरी तरह पानी में समा गया था, जिसके चलते श्रद्धालुओं को वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों पर स्नान करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय लोगों द्वारा पिछले 48 घंटों से लगातार प्रयास किए गए। कड़ी मशक्कत के बाद घाट तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग को दुरुस्त कराया गया, जिससे बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को आवागमन में राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रास्ते की मरम्मत नहीं कराई जाती तो श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता।
हालांकि इस वर्ष गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण सामान्य वर्षों की तुलना में घाट पर व्यवस्थाएं सीमित रहीं, फिर भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। दिनभर घाट पर पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं।
श्रद्धालुओं से अपील की गई कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी स्थिति में गहरे पानी की ओर न जाएं और केवल सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई।


