– बोलीं- शिक्षण संस्थानों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई पर न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान को ध्वस्त करना उचित नहीं है और सरकार को न्यायालय की भावना के अनुरूप इस मामले में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई पर रोक। कार्रवाई रोकने के आदेश का स्वागत है। शिक्षण संस्थान तोड़ा नहीं जाना चाहिए। उम्मीद है सरकार सलाह पर विचार करेगी।”
बसपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। न्यायालय द्वारा कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दल सरकार के रुख पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।
मायावती ने अपने बयान में किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम लिए बिना स्पष्ट संकेत दिया कि शिक्षा संस्थानों को विवादों से अलग रखते हुए उनके अस्तित्व और शैक्षणिक महत्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे संस्थानों का संरक्षण होना चाहिए और यदि कोई कानूनी या प्रशासनिक विवाद है तो उसका समाधान कानून के दायरे में किया जाए, न कि संस्थान को नुकसान पहुंचाकर।


