. नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग तेज
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर चर्चित रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बाद अब देश में ‘E20 जनता पार्टी’ नाम से एक नया संगठन सामने आया है। संगठन ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण (E20) की नीति का विरोध करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि सरकार उपभोक्ताओं को बिना एथनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध कराए।
संगठन को ट्रांसपोर्ट सेक्टर का भी समर्थन मिलने लगा है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त को संसद मार्च निकालने की घोषणा की है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कई वाहनों का माइलेज कम हुआ है, मेंटेनेंस खर्च बढ़ा है और विशेष रूप से पुरानी गाड़ियों के इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है।
‘E20 जनता पार्टी’ का कहना है कि वह एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को पूरी तरह बंद करने की मांग नहीं कर रही, बल्कि उपभोक्ताओं को E20 और 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल में से अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। संगठन ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की स्पष्ट लेबलिंग, एथनॉल मिश्रण से जुड़े लाभ-हानि का सरकारी डेटा सार्वजनिक करने तथा माइलेज, इंजन प्रदर्शन, प्रदूषण और रखरखाव लागत पर स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग भी की है।
वर्तमान में बिना एथनॉल वाला 100 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल देश के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है, जिसकी कीमत सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी अधिक है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों के प्रदर्शन पर व्यापक स्तर पर असर पड़ने संबंधी कोई ठोस शिकायत उसके संज्ञान में नहीं आई है। अब इस मुद्दे को लेकर सरकार और नए संगठन के बीच बहस तेज होने के आसार हैं।


