तहसील प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मचा हड़कंप, पक्का निर्माण ध्वस्त कर सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त
अमृतपुर
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अमृतपुर तहसील प्रशासन की कार्रवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब कब्जेदार द्वारा कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई। हालांकि प्रशासनिक टीम ने स्थिति को संभालते हुए कार्रवाई जारी रखी और सरकारी बंजर भूमि पर किए गए पक्के निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कराकर जमीन को कब्जामुक्त करा दिया।
ग्राम बलीपट्टी रानीगांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार एवं सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी शशांक सिंह की निगरानी में राजस्व और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जेदार द्वारा विरोध जताए जाने के बीच ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का प्रयास किए जाने की सूचना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया और वैधानिक प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की गई।
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई न्यायालय तहसीलदार अमृतपुर में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत चले वाद के आदेश के अनुपालन में की गई। क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट में ग्राम बलीपट्टी रानी गांव स्थित गाटा संख्या 2600 में दर्ज बंजर भूमि, जिसका कुल क्षेत्रफल 0.0200 हेक्टेयर है, में से लगभग 0.0015 हेक्टेयर भूमि पर धर्मेन्द्र पुत्र लंकुश द्वारा पक्का निर्माण कर अनधिकृत कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई थी।
मामले में राजस्व विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी कर प्रतिवादी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया। प्रतिवादी द्वारा 14 अगस्त को आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, लेकिन अवसर दिए जाने के बावजूद आपत्ति दाखिल नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों, क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट और नक्शा नजरी का परीक्षण करने के बाद सरकारी भूमि पर कब्जा पाए जाने पर बेदखली का आदेश पारित किया।
आदेश में कब्जेदार को भूमि से बेदखल करने के साथ 160 रुपये क्षतिपूर्ति/अर्थदंड तथा 1,000 रुपये निष्पादन व्यय वसूल किए जाने के निर्देश दिए गए। आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित पक्के निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार शशांक सिंह, कानूनगो दिनेश चंद्र शर्मा, लाल बहादुर, उपनिरीक्षक खूबेलाल, चौकी इंचार्ज राहुल कुमार समेत राजस्व एवं पुलिस विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बुलडोजर कार्रवाई देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
तहसील प्रशासन की सख्त कार्रवाई और कथित आग लगाने के प्रयास की घटना से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राजस्व कानून के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।


