फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवनीश चौहान के नेतृत्व में ईपीएस-95 पेंशनर्स संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पेंशन एवं चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन विद्यालय के निर्धारित शिक्षण समय के दौरान दिया गया, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि शिक्षक विद्यालय छोड़कर किसके आदेश पर सांसद से मिलने पहुंचे।
ज्ञापन में ईपीएस-95 पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पेंशनर्स से जुड़े अन्य लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से पेंशनर्स अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।
सांसद मुकेश राजपूत ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह उनकी मांगों और समस्याओं को संबंधित मंत्रालय तथा केंद्र सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स के हितों की रक्षा तथा उनके जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य चल रहा था, तब शिक्षक विद्यालय छोड़कर ज्ञापन देने कैसे पहुंचे। क्या इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग से कोई पूर्व अनुमति ली गई थी या किसी सक्षम अधिकारी ने उन्हें विद्यालय समय में जाने की अनुमति दी थी। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यदि शिक्षक विद्यालय समय में ज्ञापन सौंपने गए थे, तो यह मामला प्रशासनिक नियमों और विद्यार्थियों की पढ़ाई दोनों के दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि बेसिक शिक्षा विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है।


