लखनऊ
गोमतीनगर विस्तार में सुरक्षा बंधा निर्माण शुल्क जमा नहीं करने वाले रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। बिल्डरों पर इस मद में करीब 55.26 करोड़ रुपये बकाया हैं। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर रकम वसूलने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने, एफआईआर दर्ज कराने और संपत्तियां सील करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
प्राधिकरण के अनुसार, गोमती नदी के कैचमेंट और तटीय क्षेत्र में विकसित गोमतीनगर विस्तार की सुरक्षा के लिए बंधा निर्माण शुल्क तय किया गया था। आरोप है कि कुछ डेवलपर्स ने फ्लैट और अन्य संपत्तियों के आवंटियों से यह राशि वसूल ली, लेकिन एलडीए में जमा नहीं कराई। इसके कारण बंधा निर्माण का काम प्रभावित हुआ। बारिश के दौरान क्षेत्र में पानी भरने की समस्या भी सामने आई, जिससे सुरक्षा बंधे के निर्माण की जरूरत और महत्वपूर्ण हो गई है।
एलडीए ने गोमतीनगर विस्तार में कुल 197.49 करोड़ रुपये का बंधा शुल्क निर्धारित किया था। इसमें से 142.22 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, जबकि 55.26 करोड़ रुपये की वसूली बाकी है। प्रमुख बकायेदारों में पिन्टेल रियलिटी डेवलपर्स पर 22.54 करोड़ रुपये, ओमेक्स पर 16.67 करोड़ रुपये और अमरावती डेवलपर्स पर 16.05 करोड़ रुपये बकाया हैं। प्राधिकरण की ओर से संबंधित कंपनियों को कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं। भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार वसूली और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, सुलतानपुर रोड पर गोमती नदी की ओर प्रस्तावित नई टाउनशिप के लिए भी सुरक्षा बंधा शुल्क जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। एलडीए ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शुल्क जमा किए बिना संबंधित योजना का नक्शा स्वीकृत नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भविष्य की आवासीय परियोजनाओं में बंधा निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि सुनिश्चित करना और बाढ़ के खतरे से बचाव के इंतजाम मजबूत करना है। प्राधिकरण अब पुराने बकाये की वसूली के साथ नई योजनाओं में भी नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।


