– बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद आरबीआई की बड़ी कार्रवाई
– दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद समापन की प्रक्रिया भी जारी
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया है। आरबीआई के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दूसरी अनुसूची से बाहर करने संबंधी अधिसूचना 31 जुलाई 2026 को जारी की गई थी, जिसे 7 सितंबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया।
भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंकों को अनुसूचित बैंक कहा जाता है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक का नाम इस सूची से हटने के बाद वह अब अनुसूचित बैंकों की श्रेणी में नहीं रहेगा। यह कदम बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद की नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा है।
आरबीआई ने 24 अप्रैल 2026 को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक का कामकाज उसके और जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक तरीके से संचालित किया जा रहा था और बैंक भुगतान बैंक के लाइसेंस से जुड़ी शर्तों का पालन करने में भी विफल रहा था।
2022 से शुरू हुई थी नियामकीय कार्रवाई
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई कई वर्षों से चल रही थी। मार्च 2022 में आरबीआई ने नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई थी। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में बैंक के खातों, पूर्वदत्त साधनों और बटुओं में नई जमा, जमा-ऋण और राशि डालने पर अतिरिक्त कारोबारी प्रतिबंध लगाए गए थे।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक को आरबीआई की दूसरी अनुसूची से हटाया गया


