राहुल-प्रियंका धरने पर
अखिलेश समेत कई नेता हिरासत में
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को विपक्षी दलों ने दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों के सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने पहुंचे। पुलिस ने मार्च को रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता धरने पर बैठ गए। अखिलेश यादव और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया। बाद में दोनों बस से उतरकर आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। इस दौरान राहुल गांधी तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़ते भी नजर आए। उनके हाथ में “ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो” लिखा पोस्टर भी दिखाई दिया।
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची में पारदर्शिता, विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर रोक, मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले नोटिस और अपील का अधिकार तथा चुनाव में फिर से मतपत्र का इस्तेमाल शामिल है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त निष्पक्ष हैं तो उन्हें विपक्ष की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है। वहीं सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के हटने तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी कहा कि ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते।
भाजपा ने विपक्ष के प्रदर्शन पर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे जनादेश का अपमान बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की चिंता नहीं, बल्कि हार की खीझ है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ पिछले पांच दिनों में दिल्ली और मुंबई में यह सातवां बड़ा प्रदर्शन है।


