क्रासर
लोहिया अस्पताल में पंचनामा भरने पहुंचे दरोगा से न्यायालय कर्मचारियों की हाथापाई, शवगृह के बाहर परिजनों का हंगामा
फर्रुखाबाद। जिला जज के यहां नजारत का कार्य देख रहे न्यायालय कर्मचारी की मंगलवार सुबह अचानक मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों और न्यायालय कर्मचारियों ने राजेपुर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि मृतक एक मामले में कार्रवाई के लिए लगातार पुलिस के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद लोहिया अस्पताल में शव का पंचनामा भरने पहुंचे राजेपुर थाने के दरोगा के साथ न्यायालय कर्मचारियों की हाथापाई हो गई। सूचना मिलते ही अस्पताल में भारी पुलिस बल पहुंच गया।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी अमित मिश्रा पुत्र राजेश जिला जज के यहां नजारत में कर्मचारी थे। परिजनों के अनुसार बीती 28 सितंबर को अमित मिश्रा जिला जज आवास से बाइक द्वारा अपने घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार तीन लोगों ने उनकी बाइक में लात मार दी, जिससे वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए।
मृतक के भाई आलोक ने आरोप लगाया कि घटना में केशव पुत्र श्याम मनोहर, सुन्दरेश पुत्र सन्ने निवासी नगरिया गिरधर, रजत पुत्र सुधीर निवासी भरका तथा प्रभाकर उर्फ छोटू पुत्र सर्वेश निवासी ज्ञानपुर, हरदोई शामिल थे। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई और अमित का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया।
आरोप है कि मामले में कस्बा इंचार्ज आशुतोष को तहरीर दी गई, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मृतक के परिजनों और न्यायालय कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाए रखा। इसी बात को लेकर मंगलवार को आक्रोश भड़क गया।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई न होने से अमित मानसिक रूप से परेशान थे। मंगलवार सुबह वह न्यायालय जाने के लिए घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अटैक पड़ गया। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही न्यायालय कर्मचारियों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। लोहिया अस्पताल में शव का पंचनामा भरने पहुंचे राजेपुर थाने के दरोगा के साथ न्यायालय कर्मचारियों की कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
इधर मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए शवगृह का ताला तोड़कर शव निकालने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। काफी देर तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही।
परिजनों ने मांग की कि मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा अमित मिश्रा को बाइक से गिराकर घायल करने के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की ओर से समय रहते कार्रवाई की गई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
मामले को लेकर न्यायालय कर्मचारियों में भी भारी आक्रोश दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, पुलिस पर लगाए गए आरोपों की भी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
न्यायालय कर्मचारी की अचानक मौत पर हंगामा, पुलिस पर गंभीर आरोप


