शाहजहांपुर मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी
फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। समैचीपुर चितार गांव में गुरुवार को तेज कटान की चपेट में आने से चार मकान गंगा में समा गए। अचानक मकानों के नदी में गिरने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि कटान लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है, जिससे आसपास बने अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को हाशिम, जागीर, अफसर अली और कल्लू के मकान कटान की चपेट में आकर गंगा में गिर गए। ग्रामीणों के मुताबिक इससे पहले भी कटान के चलते गांव में कई झोपड़ियां और पक्के मकान नदी में समा चुके हैं। कुछ समय के लिए कटान की रफ्तार थम गई थी, लेकिन मंगलवार से एक बार फिर कटान तेज हो गया।
गंगा का पानी लगातार गांव की ओर बढ़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तथा कटान इसी तरह जारी रहा तो कई अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। ग्रामीण प्रशासन से लगातार राहत और बचाव के प्रभावी इंतजाम कराने की मांग कर रहे हैं।
उधर चौरा गांव के पास शमसाबाद-बदायूं मार्ग पर भी बाढ़ का पानी बहने लगा है। सड़क पर करीब एक फीट तक पानी बहने के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बाइक सवारों को पानी के बीच से निकलने में दिक्कत हो रही है। मार्ग पर पानी भरने से हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
मामले की जानकारी मिलने पर कायमगंज एसडीएम अभिषेक वर्मा ने संबंधित लेखपाल को कटान में गिरे मकानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रामीणों को खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज होते कटान ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर मकानों के नदी में समाने से लोग अपना आशियाना बचाने को लेकर चिंतित हैं, वहीं दूसरी ओर मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।


