फर्रुखाबाद। बुधवार को भी बारिश का असर शहर की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश से फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग समेत शहर के कई प्रमुख रास्तों की सड़कें जगह-जगह टूट गई हैं। गड्ढों में भरा पानी वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। खासकर दोपहिया और ई-रिक्शा सवारों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पा रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
लालगेट तिराहे पर फव्वारे के आसपास सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। ठंडी सड़क की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ने से नीचे लगी सीमेंटेड ईंटें दिखाई देने लगी हैं। फतेहगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी गहरे गड्ढे हो गए हैं। फतेहगढ़ चौराहे से लालगेट तिराहे तक सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन है, जबकि शहर के अंदर के कई मार्ग नगर पालिका क्षेत्र में आते हैं।
लालसराय पानी की टंकी के सामने बना स्पीड ब्रेकर बारिश में टूटकर गड्ढे में तब्दील हो गया है। इसकी गिट्टी सड़क पर फैलने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इस्लामिया स्कूल के बाहर जलभराव के कारण सड़क की हालत और खराब हो गई है। यहां से गुजरने वाले रिक्शे और ई-रिक्शे गड्ढों में फंसकर असंतुलित हो रहे हैं। नेकपुर से लालगेट तक सीसी सड़क पर हाल में कराया गया पैचवर्क भी बारिश में कई जगह उखड़ गया है। नेकपुर पुल के आसपास भी सड़क क्षतिग्रस्त है।
बारिश के पानी से शहर की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति भी सामने आ रही है। कई स्थानों पर पानी सड़क पर जमा होने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते। सुबह और शाम व्यस्त समय में इन मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और मुश्किल हो जाती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों को भी जलभराव और टूटी सड़क के बीच से निकलना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता सोहेल अहमद ने बताया कि पुरानी सीसी सड़क पर डामर से पैचवर्क किया जा सकता है। सीमेंट को सूखने में समय लगता है और व्यस्त मार्ग पर यातायात रोकना संभव नहीं है। अधिशासी अभियंता मुरलीधर के अनुसार अत्यधिक बारिश से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
शहरवासियों ने मांग की है कि बारिश थमने का इंतजार करने के साथ-साथ जहां तत्काल खतरा है, वहां गड्ढों को सुरक्षित तरीके से भरवाया जाए और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। लोगों का कहना है कि केवल पैचवर्क के बजाय सड़क की खराब स्थिति के स्थायी समाधान पर ध्यान दिया जाए, ताकि हर बारिश में वही सड़कें दोबारा न टूटें।


