लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आरजेडी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रविवार को राजधानी लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान सीएम ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त प्रेस के सामने आकर एसआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहले भी वर्ष 1952, 1962 और 2003 में एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस, सपा और आरजेडी की ओर से एसआईआर को लेकर जिस तरह की बयानबाजी की जा रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। योगी ने विपक्ष पर राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
योगी ने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष इसे अपना पुरुषार्थ बताता है और जनता द्वारा खारिज किए जाने पर चुनाव आयोग तथा ईवीएम को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयानों का भी जिक्र किया और कहा कि जिस ईवीएम के माध्यम से कांग्रेस की केंद्र और विभिन्न राज्यों में सरकारें बनीं, उसी को ब्लैक बॉक्स कहना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को कटघरे में खड़ा करने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कांग्रेस से अपनी कथित गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी पर नियंत्रण रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में दुष्प्रचार के लिए जगह नहीं होनी चाहिए।


