अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, घरेलू बाजार में तेल कंपनियों ने नहीं घटाए दाम
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौर शुरू हो गया है। कुछ समय पहले 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा कच्चा तेल अब करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई कमी नहीं की गई है। इससे वाहन चालकों को क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद तत्काल राहत नहीं मिली है।
तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कीं। कंपनियों की ओर से कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने का असर अभी घरेलू पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर दिखाई नहीं दे रहा है।
राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी उपभोक्ताओं को क्रूड ऑयल की गिरती कीमतों का सीधा लाभ नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी डीजल करीब 95.36 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। पेट्रोल की कीमत में भी फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।
जानकारों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव से तय नहीं होती। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में कच्चे तेल की लागत के साथ रिफाइनिंग खर्च, परिवहन, डीलर कमीशन, केंद्र का उत्पाद शुल्क और राज्य सरकारों का वैट समेत कई अन्य घटक शामिल होते हैं।
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम तत्काल कम होना जरूरी नहीं है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में आगे भी गिरावट जारी रहती है तो घरेलू ईंधन कीमतों पर इसका असर पड़ने की संभावना पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों की अगली कीमत समीक्षा का इंतजार करना होगा।


