– इस साल मगरमच्छ हमले के 21 मामले
– 7 लोगों की मौत और 14 गंभीर घायल
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व और इसके आसपास के इलाकों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। इस वर्ष मगरमच्छ के हमलों के 21 मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मगरमच्छों के हमले केवल जलाशयों या नदी-नालों तक सीमित नहीं रहे हैं। कई मामलों में मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचकर घरों में घुस गए, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पानी के आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ नाव पर सवार लोगों को भी मगरमच्छों के हमले का सामना करना पड़ा है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने और जलस्रोतों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की जाती है। लोगों को अकेले नदी, नहर या तालाब के किनारे न जाने तथा पानी में उतरते समय विशेष सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद मगरमच्छों के हमलों की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व का बड़ा हिस्सा जंगल, नदियों और जलाशयों से घिरा है। बारिश और जलस्तर बढ़ने के दौरान वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंचने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
वन्यजीवों के बढ़ते हमलों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को फिर सामने ला दिया है। मगरमच्छ के हमलों में हुई मौतों और गंभीर चोटों के आंकड़े स्थानीय स्तर पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता की ओर संकेत कर रहे हैं।


