शाहजहांपुर परशुरामपुरी (जलालाबाद,)
स्थानीय क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं प्राचीन शंकर महाराज मंदिर परिसर में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य और जमीन पर कब्जे की कोशिश को लेकर उपजा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर के पुजारी गौरीशंकर त्रिवेदी शास्त्री ने मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
समाधान दिवस में गूंजा मामला और जान से मारने की धमकी का आरोप
पुजारी गौरीशंकर त्रिवेदी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी और एसडीएम जलालाबाद को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि वर्ष 1968 से स्थापित यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में जलभराव और आवारा पशुओं के जमावड़े की समस्या से निजात पाने के लिए भक्तजनों के सहयोग से बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
आरोप है कि स्थानीय निवासी कृष्ण मुरारी मिश्रा द्वारा मंदिर की जमीन पर कब्जे की नीयत से लगातार बाधा डाली जा रही है। बीते 18 सितंबर की शाम जब मंदिर में संध्या आरती चल रही थी, तब आरोपी ने परिसर में पहुंचकर अभद्रता की, निर्माण सामग्री हटाने की चेतावनी दी और काम न रोकने पर जान से मारने की धमकी दी।
मंदिर के पुजारी द्वारा जिलाधिकारी, एसडीएम और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। उप जिलाधिकारी के संज्ञान लेने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया। पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक मामले का पूरी तरह समाधान या दोनों पक्षों की संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक पुजारी या मंदिर के कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा या समस्या उत्पन्न न की जाए।
क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर के निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से पूरा कराया जाए व धमकी देने वाले उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए
मंदिर परिषद के पुजारी ने प्रभारी निरीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर परिषद में हमारे पिताजी ने पूरा जीवन गुजार दिया उनकी मृत्यु के उपरांत लगभग 4 वर्ष से स्वयं शंकर महाराज की सेवा कर रहा है सभी के सहयोग से मंदिर परिषद में जल भराव होने के कारण कार्य शुरू किया गया था


