कन्नौज
सदर कोतवाली क्षेत्र की 19 वर्षीय स्नातक छात्रा 18 सितंबर को मार्कशीट लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और कुसुमखोर पुलिस चौकी व सदर कोतवाली पहुंचकर जानकारी दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की।
परिजनों के मुताबिक, छात्रा 20 सितंबर को छिबरामऊ के पास मरणासन्न हालत में मिली। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज, तिर्वा में भर्ती कराया गया। सोमवार को छात्रा ने वीडियो में कथित तौर पर अपने साथ हुई घटना और तीन लोगों के नाम बताए। इसके कुछ घंटे बाद दोपहर करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि छात्रा को अगवा कर एटा ले जाया गया और दो दिन बाद उसे चूहेमार दवा खिलाकर सड़क किनारे छोड़ दिया गया। परिजनों ने पुलिस पर गुमशुदगी की सूचना देने के बाद कई दिनों तक कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
छात्रा के पिता की तहरीर पर गांव के सुआलाल, उसके बहनोई गुरसहायगंज क्षेत्र निवासी मोनू और उसके बेटे हर्षित के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।


