ऐतिहासिक दौरे से भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों को मिली नई उड़ान
एफटीए पर बनी सहमति, रक्षा-व्यापार-शिक्षा में बढ़ेगा सहयोग
ऑकलैंड में 40 हजार प्रवासी भारतीयों के बीच गूंजा ‘भारत-भारत’
ऑकलैंड/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में शनिवार को न्यूजीलैंड पहुंचकर इतिहास रच दिया। पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा है। ऑकलैंड के स्पार्क एरिना में आयोजित ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम में करीब 40 हजार प्रवासी भारतीयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), रक्षा, शिक्षा, कृषि, समुद्री सुरक्षा और निवेश समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि “50 लाख न्यूजीलैंडवासियों की ओर से आपका स्वागत करता हूं। 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यहां आना ऐतिहासिक क्षण है।” उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि इससे भारत के 140 करोड़ उपभोक्ताओं के विशाल बाजार तक न्यूजीलैंड की पहुंच मजबूत होगी, वहीं भारतीय उद्योगों को भी नए अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि वह 140 करोड़ भारतीयों का प्यार और शुभकामनाएं लेकर न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि यह दौरा केवल दो देशों के बीच संबंधों का नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास, मित्रता और साझा भविष्य का नया अध्याय है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में रह रहा भारतीय समुदाय दोनों देशों के रिश्तों की सबसे मजबूत कड़ी है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 25-30 वर्ष पुरानी न्यूजीलैंड यात्रा को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें एक स्थानीय नागरिक ने मफलर, टोपी और दस्ताने उपहार में दिए थे। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि आज भी वह उसी मफलर को संभालकर रखते हैं और इस कार्यक्रम में उसे पहनकर आए हैं, क्योंकि उसमें न्यूजीलैंड के लोगों का स्नेह और अपनापन बसता है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन ने भारत की आर्थिक प्रगति की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले, देश में 95 हजार किलोमीटर से अधिक नए राजमार्ग बने, भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल मिशन पूरा किया और आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा और 21वीं सदी के वैश्विक विकास की दिशा तय करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, कृषि, डेयरी, शिक्षा, फिनटेक, नवाचार, समुद्री सुरक्षा और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री के स्वागत में ऑकलैंड का स्पार्क एरिना भारतीय रंग में रंगा नजर आया। भारत के राष्ट्रीय गान के साथ पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया। न्यूजीलैंड में बसे करीब 2.92 लाख भारतीय मूल के लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर को उत्सव के रूप में मनाया।
इस ऐतिहासिक दौरे को भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। रक्षा, व्यापार, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के नए अध्याय खुलने से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।


