स्मार्ट स्कूल योजना पर भी उठाए सवाल, कहा- पहले बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त हों
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने यूपीआई की नई शुल्क व्यवस्था और उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित स्मार्ट स्कूल योजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब शुल्क की व्यवस्था से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
मायावती ने कहा कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था को चाहे जिस नाम से पुकारा जाए, इसका खर्च अंततः आम जनता पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने सरकार से जनहित और कल्याणकारी नीतियों को प्राथमिकता देने की बात कही।
मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार की करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना पर भी सवाल उठाए। सरकार के अनुसार इन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं, इंटरनेट और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी।
मायावती ने कहा कि डिजिटल शिक्षा से पहले विद्यालयों में भवन की छत, बेंच-कुर्सी, किताबें, शौचालय, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने करीब दो लाख रुपये प्रति विद्यालय के प्रावधान में इन सभी जरूरतों को पूरा किए जाने को लेकर सरकार से विचार करने को कहा।
नई व्यवस्था के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा। सरकार के अनुसार यह शुल्क सीधे उपभोक्ताओं से वसूलने की अनुमति नहीं है और व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।


