= भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अधिकृत इंजीनियर कर रहे जांच, जिलाधिकारी की निगरानी में पूरी प्रक्रिया
फर्रुखाबाद, 18 सितंबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए उपयोग में लाई जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य 17 सितंबर 2026 से शुरू कर दिया गया है। जांच कलेक्ट्रेट, फतेहगढ़ स्थित ईवीएम वेयरहाउस में की जा रही है।
प्रथम स्तरीय जांच का कार्य भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की देखरेख में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि प्रत्येक निर्वाचन से पहले चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम और वीवीपैट की जांच एवं परीक्षण संबंधित निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रथम स्तरीय जांच में सफल पाई जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट को ही निर्वाचन में उपयोग किया जाता है। प्रथम स्तरीय जांच की विस्तृत प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मैनुअल में निर्धारित है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है।
जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 15 सितंबर 2026 को लिखित रूप से अनुरोध किया गया था कि वे एफएलसी प्रक्रिया के अवलोकन के लिए अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को नामित करें। संबंधित राजनीतिक दलों के राज्य मुख्यालयों द्वारा प्रतिनिधियों के नामों की पुष्टि भी की जा चुकी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों और पारदर्शिता के साथ संपादित की जा रही है। राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को भी पूरी प्रक्रिया का अवलोकन करने का अवसर दिया जा रहा है।


