
– अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ प्रकरण
प्रयागराज/फर्रुखाबाद।माफिया अनुपम दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य अवधेश मिश्रा के विरुद्ध दर्द संगीत मुकदमे में गिरफ्तारी स्टे के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे क्रिमिनल मिसलेनियस रिट अवधेश मिश्रा बनाम राज्य उत्तर प्रदेश व 4 अन्य मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम मे हाईकोर्ट ने मामले को 6 अक्टूबर 2026 को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। अवधेश के खिलाफ करीब एक दर्जन संगीन धाराओं में मुकदमे फर्रुखाबाद, कन्नौज पंजीकृत हैं और वह गिरफ्तारी के लिए फिलहाल उच्च न्यायालय की शरण लिए है अपने बचाव के लिए वर्ष 2017 से अब तक उसने उच्च न्यायालय इलाहबाद में करीब 32 रिट याचिकाएं शासन और प्रशासन के विरुद्ध डाले हैं अवधेश मिश्रा कचहरी फतेहगढ़ का एक खौफनाक नाम है…जो भोले भाले लोगों,अफसरों,नेताओं, पत्रकारों, शिक्षकों,चिकित्सकों,बलात्कार के खिलाफ झूठे मुकदमे लगवाने का स्पेशलिस्ट और करोड़ों की धनउगाही करने व कराने का बेताज बादशाह रहा है।
यह आदेश 14 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की पीठ ने पारित किया।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, पहले इस मामले को 6 अक्टूबर 2026 के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन उस समय तक अंतरिम आदेश के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। 14 सितंबर को अवधेश की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. सिंह ने अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि याची के पक्ष में दिया गया अंतरिम आदेश गिरफ्तारी स्टे उसी दिन समाप्त हो रहा है। उन्होंने अगली निर्धारित तारीख तक अंतरिम आदेश बढ़ाने का अनुरोध किया और अदालत को यह भी बताया कि वह मामले को गुण-दोष के आधार पर बहस के लिए तैयार हैं।
दूसरी ओर, सरकार के पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
पीठ ने अवधेश पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद पूर्व में पारित आदेश में संशोधन करते हुए मामले को अन्य संबंधित मामलों के साथ 6 अक्टूबर 2026 को अंतिम सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया।
साथ ही, पूर्व में प्रदान किया गया अंतरिम आदेश गिरफ्तारी स्टे अगली तारीख तक बढ़ा दिया गया है।
इसका सीधा अर्थ यह है कि 14 सितंबर को समाप्त होने वाला गिरफ्तारी स्टे फिलहाल अगली सुनवाई तक जारी रहेगा, जबकि 6 अक्टूबर को अदालत मामले पर अंतिम सुनवाई करेगी।
इस आदेश के बाद मामले की अगली महत्वपूर्ण तारीख 6 अक्टूबर हो गई है। उस दिन हाईकोर्ट मामले के विभिन्न कानूनी पहलुओं और पक्षकारों की दलीलों पर सुनवाई करेगा। चूंकि अदालत ने इसे फाइनल हियरिंग के लिए सूचीबद्ध किया है, इसलिए आगामी सुनवाई मामले की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


