शारदा और घाघरा नदी खतरे के निशान से नीचे, तंबौर के दो वार्डों में सड़कों पर अब भी पानी
सीतापुर। जिले में लगातार बने बाढ़ के खतरे के बीच शारदा और घाघरा नदी के जलस्तर में कमी आने से लोगों को राहत मिली है। दोनों प्रमुख नदियों का पानी अब खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। जलस्तर घटने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी राहत की स्थिति बनी है, हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से 1.58 मीटर नीचे बह रहा है। दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है।
नदियों का पानी कम होने के बावजूद तंबौर नगर पंचायत के दो वार्डों की सड़कों पर अभी भी पानी भरा हुआ है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण पैदल निकलने वाले लोगों के साथ ही दोपहिया और छोटे वाहनों को भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय स्तर पर लोगों की नजर लगातार नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है। ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग जलस्तर में और कमी आने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
शारदा और घाघरा के खतरे के निशान से नीचे आने के बाद फिलहाल बाढ़ के दबाव में कमी के संकेत हैं, लेकिन सड़कों और निचले इलाकों में मौजूद पानी के कारण पूरी तरह राहत की स्थिति अभी नहीं कही जा सकती। तंबौर के प्रभावित वार्डों में जलभराव खत्म होने के बाद ही लोगों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन सामान्य करना और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखना है। जलस्तर में आई कमी से जहां राहत की उम्मीद जगी है, वहीं निचले इलाकों के लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।


