28 जिलाधिकारियों के कार्यकाल में नहीं खुला राज, 100 साल पुराने दस्तावेजों से सामने आया मामला; 14 लोगों को नोटिस
आगरा। आगरा कलेक्ट्रेट की सरकारी जमीन पर लंबे समय से कब्जे का मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट की करीब 9,080 वर्गफीट जमीन पर पिछले 25 वर्षों से कब्जा बताया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान 28 जिलाधिकारी बदल गए, लेकिन किसी को इस सरकारी जमीन पर हुए कब्जे की जानकारी नहीं हो सकी।
मामला उस समय सामने आया जब कलेक्ट्रेट से जुड़े करीब 100 साल पुराने दस्तावेजों की जांच की गई। अभिलेखों की पड़ताल में जमीन के सरकारी होने की स्थिति स्पष्ट हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद निर्माण और कब्जे की जानकारी जुटाई गई।
बताया जा रहा है कि कलेक्ट्रेट की इस जमीन पर करीब 42 दुकानें और दो स्कूल संचालित हो रहे हैं। लंबे समय से इन गतिविधियों के चलते सरकारी भूमि के इस्तेमाल को लेकर अब प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है। 14 लोगों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। नोटिस के जरिए जमीन पर कब्जे और उसके इस्तेमाल से संबंधित दस्तावेज एवं अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।
करीब एक सदी पुराने दस्तावेजों की जांच के बाद सरकारी जमीन का यह मामला सामने आना प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब नोटिस का जवाब मिलने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
25 वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जे की स्थिति कैसे बनी रही और इतने लंबे समय तक इसकी जानकारी अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची, यह भी जांच का अहम बिंदु रहेगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और कब्जे की स्थिति की जांच तेज हो गई है।


