– 25 हजार परिवार प्रभावित, गंगा खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर
– तीन दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले में बाढ़ का संकट गहरा गया है। फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों में बाढ़ का प्रकोप फैल गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण करीब 120 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे लगभग 25 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के साथ ही गंगा नदी के किनारे कटान ने भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब तक करीब 90 मकान गंगा नदी के कटान में समाहित हो चुके हैं। लगातार हो रहे कटान से नदी किनारे बसे परिवारों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। गंगा और रामगंगा दोनों नदियों के लिए खतरे का निशान 137.10 मीटर निर्धारित है। जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है।
बाढ़ के पानी ने जिले के तीन दर्जन से अधिक गांवों के संपर्क मार्गों को प्रभावित कर दिया है। कई रास्तों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए भी पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान का खतरा बढ़ गया है। वहीं, कटान प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जरूरत बनी हुई है।
प्रशासन के सामने इस समय प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने, संपर्क मार्गों को दुरुस्त रखने और कटान वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।


