चित्रकूट में बाढ़ से हाहाकार; राजस्थान में सूखे जैसे हालात
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊपर पहुंच गया है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें पानी में डूब चुकी हैं। कई लोग घरों और होटलों में फंसे हैं। दो हेलिकॉप्टर और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। सतना, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में भी बाढ़ जैसे हालात हैं।
बिहार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट पानी में डूब चुका है, जबकि बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य के 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्नाव में भी गंगा का पानी कई इलाकों तक पहुंच गया है और सड़कों पर नाव चलानी पड़ रही है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में दादर नाला उफान पर है। चिमनी भट्ठा इलाके में कमर तक पानी भर गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले पांच दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है। वहीं, मध्य प्रदेश में चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर कई फीट पानी भरने से 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं।
उत्तराखंड के नैनीताल में बारिश के बीच पहाड़ी दरकने से नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। रामनगर के कई इलाकों में नाले उफान पर हैं। पंजाब के भी कई जिलों में आज बारिश के आसार हैं।
दूसरी ओर राजस्थान में मानसून कमजोर रहने से जयपुर समेत 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। जयपुर सहित 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। ऐसे में देश के एक हिस्से में बाढ़ और भारी बारिश, जबकि दूसरे हिस्से में बारिश की कमी से मौसम की दोहरी तस्वीर देखने को मिल रही है।


