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Sunday, August 30, 2026

नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में 898 कर्मचारी फंसे

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6 इंच छेद कर पाइप से हवा पहुंचाई; बाढ़ से अब तक 750 मौतें

काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों की भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आपदा में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता हैं। सुरक्षाबलों और राहत टीमों ने हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला है, लेकिन कई इलाकों में सड़क, पुल और संचार व्यवस्था ध्वस्त होने से राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं।

सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को निकालने की है। करीब 898 कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें से 361 को अब तक बचाया जा चुका है। त्रिशूली-3 ‘ए’ परियोजना की सुरंग में बचाव दल मिट्टी और गाद हटाने में जुटा है। सुरंग में छह इंच का छेद कर पाइप के जरिए हवा पहुंचाई जा रही है। अब इस छेद को बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी है, ताकि बचाव दल अंदर पहुंचकर कर्मचारियों की तलाश कर सके।

नेपाल में 18,708 सुरक्षाकर्मी और 16 हेलिकॉप्टर राहत एवं बचाव अभियान में लगाए गए हैं। सेना हेलिकॉप्टरों से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के साथ राहत सामग्री भी पहुंचा रही है। रसुवा और नुवाकोट के कई पहाड़ी गांवों का सड़क संपर्क टूट चुका है और लोगों को पैदल या हवाई मार्ग से बाहर निकाला जा रहा है।

मलबे में तीन दिन बाद मिली छह साल की बच्ची

रसुवा के तिमुरे क्षेत्र में बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे से तीन दिन बाद छह साल की बच्ची को जिंदा निकाल लिया। सशस्त्र पुलिस बल की टीम को मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी थी। मलबा हटाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

भारत ने नेपाल के राहत अभियान के लिए अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेजी है। कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, स्वच्छता किट और अन्य जरूरी सामान के साथ सुरंग बचाव विशेषज्ञ, तकनीकी दल और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी नेपाल भेजे गए हैं। नेपाल ने क्षतिग्रस्त सड़क और पुलों को जोड़ने के लिए भारत और चीन से 42 बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है।

तिब्बत में 16 मौतें, 261 विदेशी लापता

नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। यहां अब तक 16 लोगों की मौत और कम से कम 546 लोगों के लापता होने की जानकारी है। लापता लोगों में 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 49 भारतीय बताए गए हैं।

नेपाल में लगातार नए खतरे की आशंका भी बनी हुई है। रसुवा में भोटेकोशी नदी का बहाव बढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इस बीच कई देशों ने नेपाल के लिए आर्थिक और मानवीय सहायता की घोषणा की है। राहत एजेंसियां मलबे में दबे लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने में जुटी हैं।

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