पूर्ति निरीक्षक की जांच में सामने आया मामला, दुकान निलंबित; कोटेदार के खिलाफ प्राथमिकी की तैयारी
फर्रूखाबाद। राशन की दुकान पर अनियमितता की शिकायत की जांच करने पहुंचे अमृतपुर के पूर्ति निरीक्षक को निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच में सरकारी खाद्यान्न के स्टॉक में बड़े पैमाने पर अंतर सामने आया। जांच आख्या के आधार पर प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी अनिल कुमार यादव ने दुकान को निलंबित करने की कार्रवाई की है। साथ ही राजेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
मामला कोटेदार जगपाल की राशन की दुकान से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद अमृतपुर के पूर्ति निरीक्षक ने दुकान का निरीक्षण कर उपलब्ध खाद्यान्न और अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान स्टॉक में भारी कमी पाई गई।
जांच में सामने आया बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का अंतर
जांच रिपोर्ट के अनुसार दुकान के स्टॉक में 51.80 क्विंटल गेहूं और 85.994 क्विंटल चावल कम पाया गया। इसके अलावा 18.96 क्विंटल मक्का और 39.60 क्विंटल बाजरा के स्टॉक में भी कमी सामने आई।
जांच के दौरान चीनी के स्टॉक में भी अनियमितता पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक करीब दो किलोग्राम चीनी का अंतर मिला।
इतना ही नहीं, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना से संबंधित खाद्यान्न के स्टॉक की जांच में भी कमी सामने आई। इसमें 188 किलोग्राम गेहूं और 332 किलोग्राम चावल कम पाया गया।
कालाबाजारी की आशंका पर कार्रवाई
पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या में इन खाद्यान्नों की कालाबाजारी किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने राशन की दुकान के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी अनिल कुमार यादव ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दुकान को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही संबंधित कोटेदार के खिलाफ राजेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
डीएम के आदेश पर निलंबित हुई दुकान
जांच आख्या जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को संबंधित राशन की दुकान को निलंबित करने के आदेश दिए।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितता करने वाले दुकानदारों में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी खाद्यान्न के वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लाभार्थियों को राशन मिलने में न हो परेशानी
राशन की दुकान निलंबित होने के बाद प्रशासन के सामने पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी है। आम तौर पर ऐसी स्थिति में संबंधित कार्डधारकों को वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि कार्रवाई का असर पात्र लाभार्थियों पर न पड़े।
प्रशासन की ओर से मामले की आगे की कार्रवाई प्राथमिकी और जांच के आधार पर की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है
कार्रवाई से राशन व्यवस्था पर बढ़ी निगरानी
इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दुकानों का निरीक्षण कर स्टॉक का मिलान किया जाता है। इस मामले में सामने आई बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी ने निरीक्षण व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल राशन की दुकान निलंबित कर दी गई है और कोटेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित विभागीय जांच के आधार पर होगी।


