लखनऊ। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि परिवार को जोड़ने और समाज में आत्मीयता की भावना जगाने वाला उत्सव है। यह पर्व सुरक्षा, सम्मान और जिम्मेदारी के संकल्प को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का रक्षा-सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि रक्षा-सूत्र से जुड़े संकल्प को केवल पर्व तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने आचरण का हिस्सा बनाएं।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां महिलाएं बिना भय के शिक्षा, रोजगार और अपने जीवन के लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि रक्षाबंधन के अवसर पर हर व्यक्ति बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र में दिखाई देना चाहिए।
सीएम योगी ने यह भी आह्वान किया कि रक्षाबंधन पर लोग सुरक्षाबलों और पुलिसकर्मियों को भी रक्षा-सूत्र बांधें। उन्होंने कहा कि ये जवान दिन-रात समाज की सुरक्षा में जुटे रहते हैं और उनके प्रति सम्मान व कृतज्ञता व्यक्त करना भी इस पर्व की भावना के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से रक्षाबंधन के संदेश को व्यापक सामाजिक संकल्प में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


