फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव में गंगा नदी का कटान लगातार तेज होने से तीन पक्के मकान नदी में समा गए। गुरुवार देर शाम गंगा की तेज धार ने हुसैन मोहम्मद, अलाउद्दीन और शहनवाज के मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते तीनों मकान नदी की धारा में बह गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपने आशियाने बचाने के साथ सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं।
कायमगंज तहसील क्षेत्र में पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का कटान भी तेजी से हो रहा है। समैचीपुर चितार गांव में गंगा की धार लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि ग्रामीणों को अपने घर खाली करने का समय भी मुश्किल से मिल रहा है।
मकान नदी में समाने के बाद प्रभावित परिवारों ने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई मकान और झोपड़ियां कटान के मुहाने पर हैं। यदि नदी का कटान इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।
ग्राम प्रधान ताराबानो ने बताया कि गांव में कई दिनों से लगातार गंगा का कटान हो रहा है। नदी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोग रात में भी अपने घरों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और खतरा बढ़ने पर परिवार सहित सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
कटरी तौफीक क्षेत्र में भी गंगा तेजी से खेतों को काट रही है। इससे किसानों की कृषि भूमि नदी में समाने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के कटने से उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है। एक ओर मकानों पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर खेती की जमीन भी लगातार नदी की धारा में समाती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
क्षेत्रीय लेखपाल पंकज चौहान ने बताया कि गंगा के कटान से जिन मकानों और झोपड़ियों को नुकसान हुआ है, उनका स्थलीय आकलन कराया जा रहा है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। नियमानुसार प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।


