अमृतपुर। गंगा नदी की बाढ़ का प्रकोप अमृतपुर तहसील क्षेत्र में डेढ़ सप्ताह से अधिक समय से जारी है। लगातार जलभराव के कारण हजारों बीघा कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इससे सैकड़ों किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई, जबकि गन्ने और चारे की फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों के सामने आर्थिक नुकसान के साथ-साथ आवागमन और बिजली की समस्या भी खड़ी हो गई है।
गंगा का जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी बिंदु से करीब 25 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। आशा की मड़ैया, तीस राम की मड़ैया, माखन नगला, फकरपुर, करनपुर घाट और सबलपुर समेत कई गांवों में पानी भरा हुआ है।
आठ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
बाढ़ के पानी के कारण आठ से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित है। जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली न होने से ग्रामीणों को मोबाइल फोन और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज करने में भी परेशानी हो रही है। पानी अधिक होने के कारण बिजली व्यवस्था बहाल करना विद्युत विभाग के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली से नाव लेकर पहुंच रहे ग्रामीण
बाढ़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण अब सुरक्षित आवागमन के लिए नावों का इंतजाम कर रहे हैं। मंगलवार को दारापुर पट्टी के पास ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नाव लादकर ले जाते दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते पानी के बीच जरूरत पड़ने पर गांव से बाहर निकलने के लिए नाव ही सबसे सुरक्षित साधन है।
5,456 परिवारों के 21,160 लोग प्रभावित
जिला प्रशासन के अनुसार अमृतपुर तहसील क्षेत्र में अब तक 5,456 परिवारों के 21,160 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं स्टेट हाईवे पर भी दो स्थानों पर बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा दिलाने और बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली व अन्य आवश्यक सुविधाएं बहाल कराने की मांग की है।


