सरकार से तीसरे दौर की वार्ता; बात नहीं बनी तो कल विधानसभा घेरेंगे छात्र
रांची। लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं की केंद्रीय जांच की मांग को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच रविवार को तीसरे दौर की बातचीत राज्य अतिथि गृह में चल रही है। शुक्रवार और शनिवार को हुई दो दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी।
रविवार को छात्र पक्ष से आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए पहुंचा है। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव समेत अन्य अधिकारी वार्ता में शामिल हैं। बैठक को लेकर अतिथि गृह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है तो वे सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करेंगे।
आंदोलन के समर्थन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो रविवार को पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की केंद्रीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी कथित गड़बड़ी बिना प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत के संभव नहीं है।
आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो दो अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। रविवार तड़के उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद चिकित्सकों की निगरानी में उन्हें नस के जरिए द्रव चढ़ाया जा रहा है। रांची सदर अस्पताल की चिकित्सकीय टीम ने अन्य अनशनकारियों की भी जांच की। चिकित्सकों के अनुसार कई छात्रों का वजन कम हुआ है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है। हालांकि छात्रों ने फिलहाल धरनास्थल छोड़ने से इनकार कर दिया है।
इस बीच भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मामला उच्चतम न्यायालय भी पहुंच गया है। सरकार ने छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के लिए ईमेल और संपर्क नंबर जारी किया है। आंदोलन स्थल पर लगातार छात्रों की भीड़ जुट रही है। शनिवार शाम छात्रों ने रोशनी मार्च निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
लेखक और अभिनेता पीयूष मिश्रा भी धरनास्थल पहुंचकर छात्रों के समर्थन में खड़े हुए। उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
अब सभी की नजरें सरकार और छात्रों के बीच चल रही तीसरे दौर की बातचीत पर टिकी हैं। यदि रविवार को समाधान नहीं निकला तो सोमवार को प्रस्तावित विधानसभा घेराव से आंदोलन और तेज होने के आसार हैं।


