36 गांव बाढ़ की चपेट में
फर्रुखाबाद
तीन दिन तक जलस्तर में कमी आने के बाद गंगा नदी एक बार फिर उफान की ओर बढ़ने लगी है। शनिवार को गंगा के जलस्तर में करीब 5 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। सुबह 11 बजे तक जलस्तर 136.85 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि गंगा अभी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिले के 36 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें कायमगंज तहसील के 13, अमृतपुर के 14 और सदर तहसील के 9 गांव शामिल हैं। शमसाबाद, अमृतपुर और सदर तहसील के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर ग्रामीणों को आवागमन, पशुओं के चारे और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 136.80 मीटर दर्ज किया गया था, जो शनिवार को बढ़कर 136.85 मीटर हो गया। इससे पहले बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक जलस्तर में 10 सेंटीमीटर और गुरुवार सुबह से शाम तक 5 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई थी। इसके बाद दोबारा पानी बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बताया गया है कि नरौरा बांध से गंगा नदी में करीब 1 लाख 72 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस पानी का असर आने वाले दिनों में दिखाई देने की आशंका है, जिससे गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है।
जिले में पहले से बनी बाढ़ की स्थिति के बीच करीब 5,725 परिवार प्रभावित बताए गए हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है और यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।


