बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह को अंतिम विदाई; बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने का दिया भरोसा
लखनऊ/बलिया। बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक और रसड़ा (बलिया) से तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह को गुरुवार को भावभीनी विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ लाया गया, जहां बसपा सुप्रीमो मायावती ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वह भावुक दिखीं और परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि “बसपा परिवार हमेशा आपके साथ खड़ा रहेगा।”
श्रद्धांजलि के दौरान मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे और हर रक्षाबंधन पर उनसे राखी बंधवाने आते थे। उन्होंने कहा, “राजनीति में कई लोगों ने साथ छोड़ा, लेकिन उमाशंकर सिंह ने कभी बसपा को धोखा नहीं दिया। उनकी निष्ठा और अपनापन मैं कभी नहीं भूल सकती।”
उन्होंने विधायक के बेटे प्रिंस युकेश सिंह को भरोसा दिलाया कि यदि परिवार चाहेगा तो उन्हें पार्टी में आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाएगा। मायावती ने कहा कि उन्हें वही सम्मान दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जो उमाशंकर सिंह को बसपा में प्राप्त था।
55 वर्षीय उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से पीड़ित थे और अमेरिका तक इलाज करा चुके थे। उनके परिवार में पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी और बेटा प्रिंस युकेश सिंह हैं। पुष्पा सिंह उनकी कंपनी सी.एस. इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक हैं, जबकि प्रिंस युकेश कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं।
उमाशंकर सिंह 2012, 2017 और 2022 में लगातार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। 2022 में जब बसपा पूरे प्रदेश में केवल एक सीट जीत सकी थी, तब वही पार्टी के इकलौते विधायक बने। पूर्वांचल में उन्हें बसपा का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता था।
उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रसड़ा (बलिया) में किया जाएगा। उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में अब पांच सीटें रिक्त हो गई हैं।


