फर्रुखाबाद। जिला गंगा समिति एवं जलज परियोजना के तत्वावधान में विश्व कछुआ दिवस के अवसर पर पांचाल घाट स्थित एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को कम करने तथा स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए वन्यजीवों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कछुओं की विभिन्न प्रजातियों को बचाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही कछुआ आकार में छोटा होता है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।
इस दौरान गंगा में निवास करने वाले विभिन्न जलीय जीव-जंतुओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही शासन द्वारा संचालित विभिन्न मिशन कार्यक्रमों की जानकारी देकर युवाओं को उनमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव जीवन महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार प्रत्येक वन्यजीव का अस्तित्व भी पर्यावरण के लिए अनिवार्य है। यदि वन्यजीव समाप्त हो गए, तो मानव जीवन भी संकट में पड़ जाएगा। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि वन्यजीवों की रक्षा के लिए आगे आएं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं को वन्यजीव संरक्षण से संबंधित पंपलेट एवं पोस्टर वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक पवन शुक्ला, सौम्या, श्वेता सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
विश्व कछुआ दिवस पर जागरूकता की अलख, युवाओं को दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश


